Monday 30 November, 2015

‘समान त्वरित न्याय व्यवस्था स्थापना मांग यात्रा’ येश्वर्याज की अगुआई में 12 दिसम्बर को लखनऊ में

न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ 'न्याय यात्रा' निकाल और 'मोमबत्ती जला' 12
दिसम्बर को यूपी की राजधानी लखनऊ में विरोध प्रदर्शन कर न्यायिक
पारदर्शिता और जबाबदेही की मांग करेंगे समाजसेवी.

लखनऊ/30 नवम्बर 2015/ आने बाले 12 दिसम्बर को देश भर के अनेकों सामाजिक
संगठनों के पदाधिकारी और समाजसेवी न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ यूपी की
राजधानी लखनऊ में एकत्र होकर लखनऊ स्थित सामाजिक संगठन येश्वर्याज सेवा
संस्थान की अगुआई में जिलाधिकारी आवास से हजरतगंज जीपीओ स्थित महात्मा
गांधी पार्क तक पैदल मार्च करेंगे और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर
मोमबत्ती जलाकर त्वरित न्याय के लिए सभी न्यायालयों में न्यायिक
पारदर्शिता और जबाबदेही स्थापित करने की अपनी मांगों को बुलंद
करेंगे.कार्यक्रम का समन्वयन समाजसेवी तनवीर अहमद सिद्दीकी और सह-समन्वयन
समाजसेवी राम स्वरुप यादव करेंगे .

येश्वर्याज की सचिव,सामाजिक कार्यकत्री और आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी
शर्मा ने बताया कि न्यायिक पारदर्शिता न होने के कारण ही न्यायिक
प्रक्रियाओं में भी भ्रष्टाचार गहरे तक घर कर गया है और इसलिए आज सभी के
लिए एकसमान न्याय की बात बेमानी सी हो गयी है.सलमान खान के केस का हवाला
देते हुए उर्वशी ने कहा कि सलमान को लाभ पंहुचाने के लिए पहले तो इस केस
को 13 साल तक लटकाए रखा जाता है और फिर इसे तीन दिन के भीतर निबटा भी
दिया जाता है. उर्वशी ने कहा कि ऐसा इसलिए हो सका क्योंकि सलमान न्याय को
खरीदने में समर्थ हैं जबकि एक आम आदमी, जो न्याय के लिए भुगतान नहीं कर
पाता है वह न्याय पाने में पीछे छूट जाता है. न्याय व्यवस्था पर कटाक्ष
करते हुए उर्वशी ने कहा कि यह कैसी व्यवस्था है जो जब चाहे तब न्याय में
देरी भी कर सकती है और उसमें तेजी भी ला सकती है. उर्वशी ने कहा कि इस
कार्यक्रम के माध्यम से उनका संगठन उस न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज
बुलंद करने को आगे आया है जिसमें विशिष्ट लोग और अमीर लोग जेल जाने से बच
जाते हैं और निर्दोष होने पर भी गरीब जेलों में पड़े रहते हैं.

बकौल उर्वशी भारतीय संविधान की प्रस्तावना में स्वतंत्रता और समानता से
पहले न्याय को जगह दिया जाना यह स्पष्ट करता है कि संविधान निर्माताओं की
द्रष्टि में एक अपने नागरिकों को न्याय उपलब्ध कराना भारत के लोकतंत्र का
सर्वप्रमुख दायित्व था पर इस संविधान के लागू होने के 65 सालों बाद भी
न्यायिक प्रक्रियाओं में समानता की दिशा में उपलब्धियां कम हं और
चिंताएं अधिक। उर्वशी ने कहा कि न्याय मे देरी और लंबित प्रकरणों की
बढ़ती संख्या के मुद्दों पर चिंता तो सभी व्यक्त करते हैं पर इस समस्या
का हल निकालने की दिशा में किये गए प्रयासों का कोई सार्थक परिणाम अभी तक
सामने नहीं आया है.उर्वशी ने कहा कि न्याय की एक पारदर्शी और जिम्मेदार
प्रणाली विकसित किये बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है. उर्वशी ने
कहा कि न्यायपालिका स्वायत्तता के नाम पर जवाबदेही से बचती है जो सही
नहीं है.

उर्वशी ने बताया कि वे देश भर के सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से अपील
करेंगी कि वे सब इस 'त्वरित न्याय संघर्ष यात्रा को अपना समर्थन दें.
बकौल उर्वशी उनका प्रयास है कि आने बाले 12 दिसम्बर को भारत के अधिक से
अधिक जिला मुख्यालयों पर न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन
हो.

उर्वशी ने बताया कि कार्यक्रम की अधिक जानकारी हेतु कार्यक्रम के समन्वयक
तनवीर अहमद सिद्दीकी से मोबाइल नंबर 9335011869 ( हिंदी ) पर,सह-समन्वयन
राम स्वरुप यादव से मोबाइल नंबर 9455508230 (हिंदी ) पर और संस्था के
हेल्पलाइन नंबर 8081898081/ 9455553838 ( अंगरेजी और हिंदी ) पर संपर्क
कर कार्यक्रम की अद्यतन जानकारी प्राप्त की जा सकती है.

उर्वशी ने बताया कि इस न्याय यात्रा और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से
न्यायालयों में पारदर्शिता और जबाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अदालती
कार्यवाहियों की विडियो रिकॉर्डिंग कराने, सुप्रीम कोर्ट/हाई कोर्ट/निचली
अदालतों/अपीलीय अदालतों आदि मुक़दमे के निपटान की अधिकतम समय सीमा
निर्धारित करने आदि मांगों को उठाते हुए देश के
राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,मुख्य न्यायधीश और सभी प्रदेशों के
राज्यपालों,मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के न्यायधीशों को ज्ञापन
भेजा जाएगा.

उर्वशी ने सभी सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से अपील की है कि वे इस
कार्यक्रम में शामिल होकर उनके संगठन के इस प्रयास को सफल बनाएं और ई-मेल
rtimahilamanchup@gmail.com और tahririndia@gmail.com पर अपने सुझाव
और मांगपत्रों में सम्मिलित करने हेतु सुझाव भेजने का अनुरोध किया है.



उर्वशी ने सभी से इस कार्यक्रम की अद्यतन जानकारी हेतु इस इवेंट के पेज
https://web.facebook.com/events/967905499949064/ पर क्लिक करने की
अपील भी की है .


YAISHWARYAJ led 'NYAY YATRA' and 'Candle Lit' Demonstration on
December 12,2015 in Lucknow (U.P.) for 'Speedy justice delivery to
all' .


Various Social organizations and Social Activists from various states
of India and abroad to March & demonstrate from 3 PM to 5 PM in
Lucknow against Judicial corruption and also to demand judicial
transparency and accountability in India.


Lucknow / November 30, 2015 / On coming December 12, Activists coming
from several social organizations across the country shall march
against Judicial corruption in India. Social workers shall gather near
residence of district collector in Lucknow,the capital city of Uttar
Pradesh and shall march from there to Mahatma Gandhi Park near GPO in
Lucknow via Hazratganj to establish and uphold their demands for
'Speedy justice delivery to all' . This 'Nyay Yatra' is being
organized under the aegis of Social organization 'YAISHEARYAJ Seva
Sansthan'.


Later on activists shall demonstrate by lighting candles at the statue
of Mahatma Gandhi near GPO in Lucknow to press their demands for
judicial transparency and accountability in all courts for speedy
justice delivery to all.


Urvashi Sharma,Secretary of YAISHWARYAJ, a social worker and a RTI
activist said that lack of judicial transparency and accountability
are the prime causes of creeping corruption in the judicial processes.
Urvashi said that case of film actor Salman Khan is a glaring example
how a person, financially capable of affording justice can first keep
his case hanging for 13 years and then can get it settled in 3 days
also and that too to benefit himself on both the times.Urvashi said
Salman is free despite killing the poor sleeping on road because
Salman can afford justice while the common men, who can not pay for
justice,justice is left behind for many of them and they are forced to
languish in jails despite being innocent.


Taking a dig at the justice delivery system, Urvashi asked isn't it
ironical that the system which provides speedy justice in one case,the
very same system delays the delivery of justice indefinitely in
another case.


Urvashi said that through this program their organization has come
forward to speak against that judicial system in which so called elite
& rich people manage to avoid going to jail while poor & innocent are
forced to remain in jail.




Urvashi said that even the preamble of our constitution laid emphasis
on equality in the judicial processes but till now India has not been
able to provide the equality in the judicial processes due to lack of
a transparent and accountable judicial system.Urvashi said that the
judiciary has largely avoided accountability in the name of autonomy
which is not correct.


Urvashi said that YAISHWARYAJ would appeal to the country's social
organizations and activist to attend their symbolic struggle for
demand of speedy justice to all. Urvashi said that they wish that
those who are unable to attend this 'NYAY YATRA' against judicial
corruption in Lucknow, should plan one at their district headquarters
on December 12 or on dates of their own convenience.


Urvashi said that for more information one can contact program
coordinator Tanveer Ahmed Siddiqui on mobile number 9335011869 ( Hindi
) , co- coordinator Ram Swarup Yadav on mobile number 9455508230 (
Hindi ) or YAISHWARYAJ's helpline numbers 8081898081/9455553838 (
English and Hindi both ) to get updated information on the program.


Urvashi said through this program they shall raise their demands like
Video recording of all Court proceedings, maximum time limit for
litigation settlement in the Supreme Court / High Court / lower courts
/ appellate courts etc. A common memorandum shall be sent to
President, Prime Minister, Chief Justice of India and also to all
Provincial Governors, Chief Ministers and Judges of the High Courts.




Urvashi has requested all social organizations and social activists
across the globe to attend the program/organize one under intimation
to YAISHWARYAJ on e-mail ids rtimahilamanchup@gmail.com and
tahririndia@gmail.com and send demands/suggestions on e-mail ids
rtimahilamanchup@gmail.com and tahririndia@gmail.com to be included
in the memorandums.


Urvashi has requested all to visit event's online page
https://web.facebook.com/events/967905499949064/ for updated
information in this regard.



--
Urvashi Sharma
Secretary - YAISHWARYAJ SEVA SANSTHAAN
101,Narayan Tower, Opposite F block Idgah
Rajajipuram,Lucknow-226017,Uttar Pradesh,India
Contact 9369613513
Right to Information Helpline 8081898081
Helpline Against Corruption 9455553838


http://upcpri.blogspot.in/

YAISHWARYAJ led 'NYAY YATRA’ and ‘Candle Lit’ Demonstration on December 12,2015 in Lucknow (U.P.) for ‘Speedy justice delivery to all’ .

Various Social organizations and Social Activists from various states
of India and abroad to March & demonstrate from 3 PM to 5 PM in
Lucknow against Judicial corruption and also to demand judicial
transparency and accountability in India.


Lucknow / November 30, 2015 / On coming December 12, Activists coming
from several social organizations across the country shall march
against Judicial corruption in India. Social workers shall gather near
residence of district collector in Lucknow,the capital city of Uttar
Pradesh and shall march from there to Mahatma Gandhi Park near GPO in
Lucknow via Hazratganj to establish and uphold their demands for
'Speedy justice delivery to all' . This 'Nyay Yatra' is being
organized under the aegis of Social organization 'YAISHEARYAJ Seva
Sansthan'.


Later on activists shall demonstrate by lighting candles at the statue
of Mahatma Gandhi near GPO in Lucknow to press their demands for
judicial transparency and accountability in all courts for speedy
justice delivery to all.


Urvashi Sharma,Secretary of YAISHWARYAJ, a social worker and a RTI
activist said that lack of judicial transparency and accountability
are the prime causes of creeping corruption in the judicial processes.
Urvashi said that case of film actor Salman Khan is a glaring example
how a person, financially capable of affording justice can first keep
his case hanging for 13 years and then can get it settled in 3 days
also and that too to benefit himself on both the times.Urvashi said
Salman is free despite killing the poor sleeping on road because
Salman can afford justice while the common men, who can not pay for
justice,justice is left behind for many of them and they are forced to
languish in jails despite being innocent.


Taking a dig at the justice delivery system, Urvashi asked isn't it
ironical that the system which provides speedy justice in one case,the
very same system delays the delivery of justice indefinitely in
another case.


Urvashi said that through this program their organization has come
forward to speak against that judicial system in which so called elite
& rich people manage to avoid going to jail while poor & innocent are
forced to remain in jail.




Urvashi said that even the preamble of our constitution laid emphasis
on equality in the judicial processes but till now India has not been
able to provide the equality in the judicial processes due to lack of
a transparent and accountable judicial system.Urvashi said that the
judiciary has largely avoided accountability in the name of autonomy
which is not correct.


Urvashi said that YAISHWARYAJ would appeal to the country's social
organizations and activist to attend their symbolic struggle for
demand of speedy justice to all. Urvashi said that they wish that
those who are unable to attend this 'NYAY YATRA' against judicial
corruption in Lucknow, should plan one at their district headquarters
on December 12 or on dates of their own convenience.


Urvashi said that for more information one can contact program
coordinator Tanveer Ahmed Siddiqui on mobile number 9335011869 ( Hindi
) , co- coordinator Ram Swarup Yadav on mobile number 9455508230 (
Hindi ) or YAISHWARYAJ's helpline numbers 8081898081/9455553838 (
English and Hindi both ) to get updated information on the program.


Urvashi said through this program they shall raise their demands like
Video recording of all Court proceedings, maximum time limit for
litigation settlement in the Supreme Court / High Court / lower courts
/ appellate courts etc. A common memorandum shall be sent to
President, Prime Minister, Chief Justice of India and also to all
Provincial Governors, Chief Ministers and Judges of the High Courts.




Urvashi has requested all social organizations and social activists
across the globe to attend the program/organize one under intimation
to YAISHWARYAJ on e-mail ids rtimahilamanchup@gmail.com and
tahririndia@gmail.com and send demands/suggestions on e-mail ids
rtimahilamanchup@gmail.com and tahririndia@gmail.com to be included
in the memorandums.


Urvashi has requested all to visit event's online page
https://web.facebook.com/events/967905499949064/ for updated
information in this regard.


येश्वर्याज की अगुआई में 'त्वरित न्याय मांग यात्रा' 12 दिसम्बर को लखनऊ में

न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ 'न्याय यात्रा' निकाल और 'मोमबत्ती जला' 12
दिसम्बर को यूपी की राजधानी लखनऊ में विरोध प्रदर्शन कर न्यायिक
पारदर्शिता और जबाबदेही की मांग करेंगे समाजसेवी.

लखनऊ/30 नवम्बर 2015/ आने बाले 12 दिसम्बर को देश भर के अनेकों सामाजिक
संगठनों के पदाधिकारी और समाजसेवी न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ यूपी की
राजधानी लखनऊ में एकत्र होकर लखनऊ स्थित सामाजिक संगठन येश्वर्याज सेवा
संस्थान की अगुआई में जिलाधिकारी आवास से हजरतगंज जीपीओ स्थित महात्मा
गांधी पार्क तक पैदल मार्च करेंगे और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर
मोमबत्ती जलाकर त्वरित न्याय के लिए सभी न्यायालयों में न्यायिक
पारदर्शिता और जबाबदेही स्थापित करने की अपनी मांगों को बुलंद
करेंगे.कार्यक्रम का समन्वयन समाजसेवी तनवीर अहमद सिद्दीकी और सह-समन्वयन
समाजसेवी राम स्वरुप यादव करेंगे .

येश्वर्याज की सचिव,सामाजिक कार्यकत्री और आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी
शर्मा ने बताया कि न्यायिक पारदर्शिता न होने के कारण ही न्यायिक
प्रक्रियाओं में भी भ्रष्टाचार गहरे तक घर कर गया है और इसलिए आज सभी के
लिए एकसमान न्याय की बात बेमानी सी हो गयी है.सलमान खान के केस का हवाला
देते हुए उर्वशी ने कहा कि सलमान को लाभ पंहुचाने के लिए पहले तो इस केस
को 13 साल तक लटकाए रखा जाता है और फिर इसे तीन दिन के भीतर निबटा भी
दिया जाता है. उर्वशी ने कहा कि ऐसा इसलिए हो सका क्योंकि सलमान न्याय को
खरीदने में समर्थ हैं जबकि एक आम आदमी, जो न्याय के लिए भुगतान नहीं कर
पाता है वह न्याय पाने में पीछे छूट जाता है. न्याय व्यवस्था पर कटाक्ष
करते हुए उर्वशी ने कहा कि यह कैसी व्यवस्था है जो जब चाहे तब न्याय में
देरी भी कर सकती है और उसमें तेजी भी ला सकती है. उर्वशी ने कहा कि इस
कार्यक्रम के माध्यम से उनका संगठन उस न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज
बुलंद करने को आगे आया है जिसमें विशिष्ट लोग और अमीर लोग जेल जाने से बच
जाते हैं और निर्दोष होने पर भी गरीब जेलों में पड़े रहते हैं.

बकौल उर्वशी भारतीय संविधान की प्रस्तावना में स्वतंत्रता और समानता से
पहले न्याय को जगह दिया जाना यह स्पष्ट करता है कि संविधान निर्माताओं की
द्रष्टि में एक अपने नागरिकों को न्याय उपलब्ध कराना भारत के लोकतंत्र का
सर्वप्रमुख दायित्व था पर इस संविधान के लागू होने के 65 सालों बाद भी
न्यायिक प्रक्रियाओं में समानता की दिशा में उपलब्धियां कम हं और
चिंताएं अधिक। उर्वशी ने कहा कि न्याय मे देरी और लंबित प्रकरणों की
बढ़ती संख्या के मुद्दों पर चिंता तो सभी व्यक्त करते हैं पर इस समस्या
का हल निकालने की दिशा में किये गए प्रयासों का कोई सार्थक परिणाम अभी तक
सामने नहीं आया है.उर्वशी ने कहा कि न्याय की एक पारदर्शी और जिम्मेदार
प्रणाली विकसित किये बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है. उर्वशी ने
कहा कि न्यायपालिका स्वायत्तता के नाम पर जवाबदेही से बचती है जो सही
नहीं है.

उर्वशी ने बताया कि वे देश भर के सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से अपील
करेंगी कि वे सब इस 'त्वरित न्याय संघर्ष यात्रा को अपना समर्थन दें.
बकौल उर्वशी उनका प्रयास है कि आने बाले 12 दिसम्बर को भारत के अधिक से
अधिक जिला मुख्यालयों पर न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन
हो.

उर्वशी ने बताया कि कार्यक्रम की अधिक जानकारी हेतु कार्यक्रम के समन्वयक
तनवीर अहमद सिद्दीकी से मोबाइल नंबर 9335011869 ( हिंदी ) पर,सह-समन्वयन
राम स्वरुप यादव से मोबाइल नंबर 9455508230 (हिंदी ) पर और संस्था के
हेल्पलाइन नंबर 8081898081/ 9455553838 ( अंगरेजी और हिंदी ) पर संपर्क
कर कार्यक्रम की अद्यतन जानकारी प्राप्त की जा सकती है.

उर्वशी ने बताया कि इस न्याय यात्रा और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से
न्यायालयों में पारदर्शिता और जबाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अदालती
कार्यवाहियों की विडियो रिकॉर्डिंग कराने, सुप्रीम कोर्ट/हाई कोर्ट/निचली
अदालतों/अपीलीय अदालतों आदि मुक़दमे के निपटान की अधिकतम समय सीमा
निर्धारित करने आदि मांगों को उठाते हुए देश के
राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,मुख्य न्यायधीश और सभी प्रदेशों के
राज्यपालों,मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के न्यायधीशों को ज्ञापन
भेजा जाएगा.

उर्वशी ने सभी सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से अपील की है कि वे इस
कार्यक्रम में शामिल होकर उनके संगठन के इस प्रयास को सफल बनाएं और ई-मेल
rtimahilamanchup@gmail.com और tahririndia@gmail.com पर अपने सुझाव
और मांगपत्रों में सम्मिलित करने हेतु सुझाव भेजने का अनुरोध किया है.



उर्वशी ने सभी से इस कार्यक्रम की अद्यतन जानकारी हेतु इस इवेंट के पेज
https://web.facebook.com/events/967905499949064/ पर क्लिक करने की
अपील भी की है .




--
Urvashi Sharma
Secretary - YAISHWARYAJ SEVA SANSTHAAN
101,Narayan Tower, Opposite F block Idgah
Rajajipuram,Lucknow-226017,Uttar Pradesh,India
Contact 9369613513
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Helpline Against Corruption 9455553838


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Sunday 29 November, 2015

संगीता कालिया- अनिल विज मामले में दोष संगीता का.

यह आईएएस और आईपीएस का पद ही ऐसा है कि इसके गुरूर में इन पदों पर आसीन
व्यक्ति यह भूल जाते हैं कि वे भी जनता के नौकर ही हैं. ये लोकसेवक यह
भूल जाते हैं कि मंत्री एक जनप्रतिनिधि होता है और उसे लोकहित के मुद्दों
पर जनता की तरफ से नौकर आईएएस/आईपीएस से प्रश्न करने के असीमित अधिकार
हैं और उनका तर्कसंगत जबाब देना लोकसेवक का प्रथम दायित्व.यदि लोकसेवक
जनप्रतिनिधि के प्रश्नों का तर्कसंगत जबाब नहीं देना चाहता तो उसे नौकरी
छोड़कर घर बैठ जाना चाहिए. संगीता काफी संघर्षों के बाद आईपीएस बनी हैं पर
उनको लोकसेवक के दायित्व नहीं भूलने चाहिए थे. आखिर इन पदों पर बैठे
व्यक्तियों को इतनी अधिक सुविधाएं जनसेवा के लिए मिलती हैं न कि अपने पद
की हनक जनता को दिखाने को.



हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज एक इमानदार जनप्रतिनिधि माने जाते
हैं और उनका फतेहाबाद एसपी संगीता कालिया से किया गया सबाल गांवों में
अवैध शराब बिक्री संबंधी जैसे संवेदनशील और बृहद लोकहित के मुद्दे पर था.
आखिर अवैध शराब बिक्री में स्थानीय पुलिस के सीधे-सीधे हाथ होने की बात
को कौन नकार सकता है.



संगीता का यह कहना कि अपराधी जमानत पर छूटकर आते हैं और फिर शराब बेचने
लगते हैं. क्या करें? वाकई निहायत ही बचकाना है. अगर अपराधी जमानत पर
छूटता है तो उसका कारण भी पुलिस द्वारा कमजोर केस बनाया जाना ही है जिसकी
जिम्मेवारी संगीता पर ही ठहरती है .



दूसरे संगीता का मीटिंग के दौरान ये कहना कि 'शराब का लाईसेंस तो सरकार
ही देती है' फिर गलत है. अगर सरकार की लाईसेंस प्रक्रिया में दोष था तो
संगीता को एक एसपी की हैसियत से समय समय पर पत्र लिखकर इस मामले में अपनी
आपत्तियां दर्ज करानी थीं. उनका ये बयान दर्शा रहा था कि वे सस्ती
लोकप्रियता के लिए सीधे सीधे सरकार से टकराव के मूड में थीं और एक
संवेदनशील लोकसेवक के रूप में वे वे शराब बिकने से कतई भी परेशान नहीं
थीं.



हाँ, सरकार ने भे इस मामले में संगीता से जबाब-तलब करने की जगह तुरंत ही
संगीता का स्थानांतरण करके गलत ही किया है.



( उर्वशी शर्मा )
सामाजिक कार्यकत्री और आरटीआई एक्टिविस्ट
सचिव – येश्वर्याज सेवा संस्थान


--
Urvashi Sharma
Secretary - YAISHWARYAJ SEVA SANSTHAAN
101,Narayan Tower, Opposite F block Idgah
Rajajipuram,Lucknow-226017,Uttar Pradesh,India
Contact 9369613513
Right to Information Helpline 8081898081
Helpline Against Corruption 9455553838


http://upcpri.blogspot.in/

Thursday 26 November, 2015

येश्वर्याज की अगुआई में ‘त्वरित न्याय मांग यात्रा’ 12 दिसम्बर को लखनऊ में

न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ 'न्याय यात्रा' निकाल और 'मोमबत्ती जला' 12
दिसम्बर को यूपी की राजधानी लखनऊ में विरोध प्रदर्शन कर न्यायिक
पारदर्शिता और जबाबदेही की मांग करेंगे समाजसेवी.

लखनऊ/25 नवम्बर 2015/ आने बाले 12 दिसम्बर को देश भर के अनेकों सामाजिक
संगठनों के पदाधिकारी और समाजसेवी न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ यूपी की
राजधानी लखनऊ में एकत्र होकर लखनऊ स्थित सामाजिक संगठन येश्वर्याज सेवा
संस्थान की अगुआई में जिलाधिकारी आवास से हजरतगंज जीपीओ स्थित महात्मा
गांधी पार्क तक पैदल मार्च करेंगे और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर
मोमबत्ती जलाकर त्वरित न्याय के लिए सभी न्यायालयों में न्यायिक
पारदर्शिता और जबाबदेही स्थापित करने की अपनी मांगों को बुलंद
करेंगे.कार्यक्रम का समन्वयन समाजसेवी तनवीर अहमद सिद्दीकी और सह-समन्वयन
समाजसेवी राम स्वरुप यादव करेंगे .

येश्वर्याज की सचिव,सामाजिक कार्यकत्री और आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी
शर्मा ने बताया कि न्यायिक पारदर्शिता न होने के कारण ही न्यायिक
प्रक्रियाओं में भी भ्रष्टाचार गहरे तक घर कर गया है और इसलिए आज सभी के
लिए एकसमान न्याय की बात बेमानी सी हो गयी है.सलमान खान के केस का हवाला
देते हुए उर्वशी ने कहा कि सलमान को लाभ पंहुचाने के लिए पहले तो इस केस
को 13 साल तक लटकाए रखा जाता है और फिर इसे तीन दिन के भीतर निबटा भी
दिया जाता है. उर्वशी ने कहा कि ऐसा इसलिए हो सका क्योंकि सलमान न्याय को
खरीदने में समर्थ हैं जबकि एक आम आदमी, जो न्याय के लिए भुगतान नहीं कर
पाता है वह न्याय पाने में पीछे छूट जाता है. न्याय व्यवस्था पर कटाक्ष
करते हुए उर्वशी ने कहा कि यह कैसी व्यवस्था है जो जब चाहे तब न्याय में
देरी भी कर सकती है और उसमें तेजी भी ला सकती है. उर्वशी ने कहा कि इस
कार्यक्रम के माध्यम से उनका संगठन उस न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज
बुलंद करने को आगे आया है जिसमें विशिष्ट लोग और अमीर लोग जेल जाने से बच
जाते हैं और निर्दोष होने पर भी गरीब जेलों में पड़े रहते हैं.

बकौल उर्वशी भारतीय संविधान की प्रस्तावना में स्वतंत्रता और समानता से
पहले न्याय को जगह दिया जाना यह स्पष्ट करता है कि संविधान निर्माताओं की
द्रष्टि में एक अपने नागरिकों को न्याय उपलब्ध कराना भारत के लोकतंत्र का
सर्वप्रमुख दायित्व था पर इस संविधान के लागू होने के 65 सालों बाद भी
न्यायिक प्रक्रियाओं में समानता की दिशा में उपलब्धियां कम हैं और
चिंताएं अधिक। उर्वशी ने कहा कि न्याय मे देरी और लंबित प्रकरणों की
बढ़ती संख्या के मुद्दों पर चिंता तो सभी व्यक्त करते हैं पर इस समस्या
का हल निकालने की दिशा में किये गए प्रयासों का कोई सार्थक परिणाम अभी तक
सामने नहीं आया है.उर्वशी ने कहा कि न्याय की एक पारदर्शी और जिम्मेदार
प्रणाली विकसित किये बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है. उर्वशी ने
कहा कि न्यायपालिका स्वायत्तता के नाम पर जवाबदेही से बचती है जो सही
नहीं है.

उर्वशी ने बताया कि वे देश भर के सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से अपील
करेंगी कि वे सब इस 'त्वरित न्याय संघर्ष यात्रा को अपना सांकेतिक समर्थन
दें. बकौल उर्वशी उनका प्रयास है कि आने बाले 12 दिसम्बर को भारत के अधिक
से अधिक जिला मुख्यालयों पर न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एक विरोध
प्रदर्शन हो.

उर्वशी ने बताया कि कार्यक्रम की अधिक जानकारी हेतु कार्यक्रम के समन्वयक
तनवीर अहमद सिद्दीकी से मोबाइल नंबर 9335011869 पर,सह-समन्वयन राम स्वरुप
यादव से मोबाइल नंबर 9455508230 पर और संस्था के हेल्पलाइन नंबर
8081898081/ 9455553838 पर संपर्क कर कार्यक्रम की अद्यतन जानकारी
प्राप्त की जा सकती है.

उर्वशी ने बताया कि इस न्याय यात्रा और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से
न्यायालयों में पारदर्शिता और जबाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अदालती
कार्यवाहियों की विडियो रिकॉर्डिंग कराने, सुप्रीम कोर्ट/हाई कोर्ट/निचली
अदालतों/अपीलीय अदालतों आदि मुक़दमे के निपटान की अधिकतम समय सीमा
निर्धारित करने आदि मांगों को उठाते हुए देश के
राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,मुख्य न्यायधीश और सभी प्रदेशों के
राज्यपालों,मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के न्यायधीशों को ज्ञापन
भेजा जाएगा.

न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ येश्वर्याज की ‘न्याय यात्रा’ 12 दिसम्बर को लखनऊ में

न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ 'न्याय यात्रा' निकाल और 'मोमबत्ती जला' 12
दिसम्बर को यूपी की राजधानी लखनऊ में विरोध प्रदर्शन कर न्यायिक
पारदर्शिता और जबाबदेही की मांग करेंगे समाजसेवी.

लखनऊ/25 नवम्बर 2015/ आने बाले 12 दिसम्बर को देश भर के अनेकों सामाजिक
संगठनों के पदाधिकारी और समाजसेवी न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ यूपी की
राजधानी लखनऊ में एकत्र होकर लखनऊ स्थित सामाजिक संगठन येश्वर्याज सेवा
संस्थान की अगुआई में जिलाधिकारी आवास से हजरतगंज जीपीओ स्थित महात्मा
गांधी पार्क तक पैदल मार्च करेंगे और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर
मोमबत्ती जलाकर त्वरित न्याय के लिए सभी न्यायालयों में न्यायिक
पारदर्शिता और जबाबदेही स्थापित करने की अपनी मांगों को बुलंद
करेंगे.कार्यक्रम का समन्वयन समाजसेवी तनवीर अहमद सिद्दीकी और सह-समन्वयन
समाजसेवी राम स्वरुप यादव करेंगे .

येश्वर्याज की सचिव,सामाजिक कार्यकत्री और आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी
शर्मा ने बताया कि न्यायिक पारदर्शिता न होने के कारण ही न्यायिक
प्रक्रियाओं में भी भ्रष्टाचार गहरे तक घर कर गया है और इसलिए आज सभी के
लिए एकसमान न्याय की बात बेमानी सी हो गयी है.सलमान खान के केस का हवाला
देते हुए उर्वशी ने कहा कि सलमान को लाभ पंहुचाने के लिए पहले तो इस केस
को 13 साल तक लटकाए रखा जाता है और फिर इसे तीन दिन के भीतर निबटा भी
दिया जाता है. उर्वशी ने कहा कि ऐसा इसलिए हो सका क्योंकि सलमान न्याय को
खरीदने में समर्थ हैं जबकि एक आम आदमी, जो न्याय के लिए भुगतान नहीं कर
पाता है वह न्याय पाने में पीछे छूट जाता है. न्याय व्यवस्था पर कटाक्ष
करते हुए उर्वशी ने कहा कि यह कैसी व्यवस्था है जो जब चाहे तब न्याय में
देरी भी कर सकती है और उसमें तेजी भी ला सकती है. उर्वशी ने कहा कि इस
कार्यक्रम के माध्यम से उनका संगठन उस न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज
बुलंद करने को आगे आया है जिसमें विशिष्ट लोग और अमीर लोग जेल जाने से बच
जाते हैं और निर्दोष होने पर भी गरीब जेलों में पड़े रहते हैं.

बकौल उर्वशी भारतीय संविधान की प्रस्तावना में स्वतंत्रता और समानता से
पहले न्याय को जगह दिया जाना यह स्पष्ट करता है कि संविधान निर्माताओं की
द्रष्टि में एक अपने नागरिकों को न्याय उपलब्ध कराना भारत के लोकतंत्र का
सर्वप्रमुख दायित्व था पर इस संविधान के लागू होने के 65 सालों बाद भी
न्यायिक प्रक्रियाओं में समानता की दिशा में उपलब्धियां कम हैं और
चिंताएं अधिक। उर्वशी ने कहा कि न्याय मे देरी और लंबित प्रकरणों की
बढ़ती संख्या के मुद्दों पर चिंता तो सभी व्यक्त करते हैं पर इस समस्या
का हल निकालने की दिशा में किये गए प्रयासों का कोई सार्थक परिणाम अभी तक
सामने नहीं आया है.उर्वशी ने कहा कि न्याय की एक पारदर्शी और जिम्मेदार
प्रणाली विकसित किये बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है. उर्वशी ने
कहा कि न्यायपालिका स्वायत्तता के नाम पर जवाबदेही से बचती है जो सही
नहीं है.

उर्वशी ने बताया कि वे देश भर के सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से अपील
करेंगी कि वे सब इस 'त्वरित न्याय संघर्ष यात्रा को अपना सांकेतिक समर्थन
दें. बकौल उर्वशी उनका प्रयास है कि आने बाले 12 दिसम्बर को भारत के अधिक
से अधिक जिला मुख्यालयों पर न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एक विरोध
प्रदर्शन हो.

उर्वशी ने बताया कि कार्यक्रम की अधिक जानकारी हेतु कार्यक्रम के समन्वयक
तनवीर अहमद सिद्दीकी से मोबाइल नंबर 9335011869 पर,सह-समन्वयन राम स्वरुप
यादव से मोबाइल नंबर 9455508230 पर और संस्था के हेल्पलाइन नंबर
8081898081/ 9455553838 पर संपर्क कर कार्यक्रम की अद्यतन जानकारी
प्राप्त की जा सकती है.

उर्वशी ने बताया कि इस न्याय यात्रा और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से
न्यायालयों में पारदर्शिता और जबाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अदालती
कार्यवाहियों की विडियो रिकॉर्डिंग कराने, सुप्रीम कोर्ट/हाई कोर्ट/निचली
अदालतों/अपीलीय अदालतों आदि मुक़दमे के निपटान की अधिकतम समय सीमा
निर्धारित करने आदि मांगों को उठाते हुए देश के
राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,मुख्य न्यायधीश और सभी प्रदेशों के
राज्यपालों,मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के न्यायधीशों को ज्ञापन
भेजा जाएगा.

Wednesday 25 November, 2015

न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ,न्यायिक पारदर्शिता एवं जबाबदेही की मांग के लिए ‘न्याय यात्रा’

न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ,न्यायिक पारदर्शिता एवं जबाबदेही की मांग के
लिए 'न्याय यात्रा' 12 दिसम्बर को यूपी की राजधानी लखनऊ में.

न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ 'न्याय यात्रा' निकाल और 'मोमबत्ती जला' 12
दिसम्बर को यूपी की राजधानी लखनऊ में विरोध प्रदर्शन कर न्यायिक
पारदर्शिता और जबाबदेही की मांग करेंगे समाजसेवी.

लखनऊ/25 नवम्बर 2015/ आने बाले 12 दिसम्बर को देश भर के अनेकों सामाजिक
संगठनों के पदाधिकारी और समाजसेवी न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ यूपी की
राजधानी लखनऊ में एकत्र होकर लखनऊ स्थित सामाजिक संगठन येश्वर्याज सेवा
संस्थान की अगुआई में जिलाधिकारी आवास से हजरतगंज जीपीओ स्थित महात्मा
गांधी पार्क तक पैदल मार्च करेंगे और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर
मोमबत्ती जलाकर त्वरित न्याय के लिए सभी न्यायालयों में न्यायिक
पारदर्शिता और जबाबदेही स्थापित करने की अपनी मांगों को बुलंद
करेंगे.कार्यक्रम का समन्वयन समाजसेवी तनवीर अहमद सिद्दीकी और सह-समन्वयन
समाजसेवी राम स्वरुप यादव करेंगे .

येश्वर्याज की सचिव,सामाजिक कार्यकत्री और आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी
शर्मा ने बताया कि न्यायिक पारदर्शिता न होने के कारण ही न्यायिक
प्रक्रियाओं में भी भ्रष्टाचार गहरे तक घर कर गया है और इसलिए आज सभी के
लिए एकसमान न्याय की बात बेमानी सी हो गयी है.सलमान खान के केस का हवाला
देते हुए उर्वशी ने कहा कि सलमान को लाभ पंहुचाने के लिए पहले तो इस केस
को 13 साल तक लटकाए रखा जाता है और फिर इसे तीन दिन के भीतर निबटा भी
दिया जाता है. उर्वशी ने कहा कि ऐसा इसलिए हो सका क्योंकि सलमान न्याय को
खरीदने में समर्थ हैं जबकि एक आम आदमी, जो न्याय के लिए भुगतान नहीं कर
पाता है वह न्याय पाने में पीछे छूट जाता है. न्याय व्यवस्था पर कटाक्ष
करते हुए उर्वशी ने कहा कि यह कैसी व्यवस्था है जो जब चाहे तब न्याय में
देरी भी कर सकती है और उसमें तेजी भी ला सकती है. उर्वशी ने कहा कि इस
कार्यक्रम के माध्यम से उनका संगठन उस न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज
बुलंद करने को आगे आया है जिसमें विशिष्ट लोग और अमीर लोग जेल जाने से बच
जाते हैं और निर्दोष होने पर भी गरीब जेलों में पड़े रहते हैं.

बकौल उर्वशी भारतीय संविधान की प्रस्तावना में स्वतंत्रता और समानता से
पहले न्याय को जगह दिया जाना यह स्पष्ट करता है कि संविधान निर्माताओं की
द्रष्टि में एक अपने नागरिकों को न्याय उपलब्ध कराना भारत के लोकतंत्र
का सर्वप्रमुख दायित्व था पर इस संविधान के लागू होने के 65 सालों बाद भी
न्यायिक प्रक्रियाओं में समानता की दिशा में उपलब्धियां कम हैं और
चिंताएं अधिक। उर्वशी ने कहा कि न्याय मे देरी और लंबित प्रकरणों की
बढ़ती संख्या के मुद्दों पर चिंता तो सभी व्यक्त करते हैं पर इस समस्या
का हल निकालने की दिशा में किये गए प्रयासों का कोई सार्थक परिणाम अभी
तक सामने नहीं आया है.उर्वशी ने कहा कि न्याय की एक पारदर्शी और
जिम्मेदार प्रणाली विकसित किये बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है.
उर्वशी ने कहा कि न्यायपालिका स्वायत्तता के नाम पर जवाबदेही से बचती है
जो सही नहीं है.

उर्वशी ने बताया कि वे देश भर के सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से अपील
करेंगी कि वे सब इस 'त्वरित न्याय संघर्ष यात्रा को अपना सांकेतिक समर्थन
दें. बकौल उर्वशी उनका प्रयास है कि आने बाले 12 दिसम्बर को भारत के अधिक
से अधिक जिला मुख्यालयों पर न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एक विरोध
प्रदर्शन हो.

उर्वशी ने बताया कि कार्यक्रम की अधिक जानकारी हेतु कार्यक्रम के समन्वयक
तनवीर अहमद सिद्दीकी से मोबाइल नंबर 9335011869 पर,सह-समन्वयन राम
स्वरुप यादव से मोबाइल नंबर 9455508230 पर और संस्था के हेल्पलाइन नंबर
8081898081/ 9455553838 पर संपर्क कर कार्यक्रम की अद्यतन जानकारी
प्राप्त की जा सकती है.

उर्वशी ने बताया कि इस न्याय यात्रा और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से
न्यायालयों में पारदर्शिता और जबाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अदालती
कार्यवाहियों की विडियो रिकॉर्डिंग कराने, सुप्रीम कोर्ट/हाई कोर्ट/निचली
अदालतों/अपीलीय अदालतों आदि मुक़दमे के निपटान की अधिकतम समय सीमा
निर्धारित करने आदि मांगों को उठाते हुए देश के
राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,मुख्य न्यायधीश और सभी प्रदेशों के
राज्यपालों,मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के न्यायधीशों को ज्ञापन
भेजा जाएगा.

न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ और न्यायिक पारदर्शिता और जबाबदेही की मांग के लिए ‘न्याय यात्रा’ लखनऊ में 12 दिसम्बर को.

न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ 'न्याय यात्रा' निकाल और 'मोमबत्ती जला' 12 दिसम्बर को यूपी की राजधानी लखनऊ में विरोध प्रदर्शन कर न्यायिक पारदर्शिता और जबाबदेही की मांग करेंगे समाजसेवी.
 
लखनऊ/25 नवम्बर 2015/ आने बाले 12 दिसम्बर को देश भर के अनेकों सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और समाजसेवी न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ यूपी की राजधानी लखनऊ में एकत्र होकर लखनऊ स्थित सामाजिक संगठन येश्वर्याज सेवा संस्थान की अगुआई में जिलाधिकारी आवास से हजरतगंज जीपीओ स्थित महात्मा गांधी पार्क तक पैदल मार्च करेंगे और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर मोमबत्ती जलाकर त्वरित न्याय के लिए सभी न्यायालयों में न्यायिक पारदर्शिता और जबाबदेही स्थापित करने की अपनी मांगों को बुलंद करेंगे.कार्यक्रम का समन्वयन समाजसेवी तनवीर अहमद सिद्दीकी और सह-समन्वयन समाजसेवी राम स्वरुप यादव करेंगे .  
 
येश्वर्याज की सचिव,सामाजिक कार्यकत्री और आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा ने बताया कि  न्यायिक पारदर्शिता न होने के कारण  ही न्यायिक प्रक्रियाओं में भी भ्रष्टाचार गहरे तक घर कर गया है और इसलिए आज सभी के लिए एकसमान न्याय की बात बेमानी सी हो गयी है.सलमान खान के केस का हवाला देते हुए उर्वशी ने कहा कि सलमान को लाभ पंहुचाने के लिए पहले तो इस केस को 13 साल तक लटकाए रखा जाता है और फिर इसे तीन दिन के भीतर निबटा भी दिया जाता है. उर्वशी ने कहा कि ऐसा इसलिए हो सका क्योंकि सलमान न्याय को खरीदने में समर्थ हैं जबकि एक आम आदमी, जो न्याय के लिए भुगतान नहीं कर पाता है वह न्याय पाने में पीछे छूट जाता है. न्याय  व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए उर्वशी ने कहा कि यह कैसी व्यवस्था है जो जब चाहे तब न्याय में देरी भी कर सकती है और उसमें तेजी भी ला सकती है. उर्वशी ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उनका संगठन उस न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद करने को आगे आया है जिसमें विशिष्ट लोग और अमीर लोग जेल जाने से बच जाते हैं और निर्दोष होने पर भी गरीब जेलों में पड़े रहते हैं.
 
 बकौल उर्वशी भारतीय संविधान की प्रस्तावना में स्वतंत्रता और समानता से पहले न्याय को जगह दिया जाना यह स्पष्ट करता है कि संविधान निर्माताओं की द्रष्टि में एक अपने नागरिकों को न्याय उपलब्ध कराना  भारत के लोकतंत्र का सर्वप्रमुख दायित्व था पर इस संविधान के लागू होने के 65 सालों बाद भी न्यायिक प्रक्रियाओं में समानता की दिशा में उपलब्धियां कम हैं और  चिंताएं अधिक। उर्वशी ने कहा कि न्याय मे देरी और लंबित प्रकरणों की बढ़ती संख्या के मुद्दों पर चिंता तो सभी व्यक्त करते हैं  पर इस समस्या का हल निकालने की दिशा में किये गए  प्रयासों का कोई सार्थक परिणाम अभी तक सामने नहीं आया है.उर्वशी ने कहा कि  न्याय की एक पारदर्शी और जिम्मेदार प्रणाली विकसित किये बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है. उर्वशी ने कहा कि न्यायपालिका स्वायत्तता के नाम पर जवाबदेही से बचती है जो सही नहीं है.
 
उर्वशी ने बताया कि वे देश भर के सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से अपील करेंगी कि वे सब इस 'त्वरित न्याय संघर्ष यात्रा को अपना सांकेतिक समर्थन दें. बकौल उर्वशी उनका प्रयास है कि आने बाले 12 दिसम्बर को भारत के अधिक से अधिक जिला मुख्यालयों पर न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन हो.
 
उर्वशी ने बताया कि कार्यक्रम की अधिक जानकारी हेतु कार्यक्रम के समन्वयक तनवीर अहमद सिद्दीकी से मोबाइल नंबर 9335011869  पर,सह-समन्वयन राम स्वरुप यादव से मोबाइल नंबर 9455508230  पर और  संस्था के हेल्पलाइन नंबर 8081898081/ 9455553838 पर संपर्क कर कार्यक्रम की अद्यतन जानकारी प्राप्त की जा सकती है.
 
उर्वशी ने बताया कि इस न्याय यात्रा और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से न्यायालयों में पारदर्शिता और जबाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अदालती कार्यवाहियों की विडियो रिकॉर्डिंग कराने, सुप्रीम कोर्ट/हाई कोर्ट/निचली अदालतों/अपीलीय अदालतों आदि मुक़दमे के निपटान की अधिकतम समय सीमा निर्धारित करने आदि मांगों को उठाते हुए देश के राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,मुख्य न्यायधीश और सभी प्रदेशों के राज्यपालों,मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के न्यायधीशों को ज्ञापन भेजा जाएगा.
--
Urvashi Sharma
Secretary - YAISHWARYAJ SEVA SANSTHAAN
Narayan Tower, Opposite F block Idgah
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